821>|| जीवन सार्थक बनाओ ||
<--आद्यनाथ-->
दुःख तब और बढ़ जाता है,
जब आप पुराने विचारों के कारण
दुखी हो जाते हैं।
यदि आप सोचते हैं कि
भविष्य कठिन है, तो आप
व्यर्थ के भयों से घिरे हैं।
अब अच्छा बनने के लिए,
आपको यह जानना होगा कि
खुले तौर पर कैसे मुस्कुराना है।
हो सके तो तहेदिलसे मुस्कुराओ
और वास्तविक सुन्दरसे जीओ
और जीवन सार्थक बनाओ।
<--©--➽-ए एन राय चौधुरी-->
======================
जान पहचान बहुत लोग हैं,
रिश्तेदार या परिचित जन,
कुछ लोग हैं पास, कोई दूर रहते हैं,
सबकोइ अच्छे होंते हैं।
पास या दूर कोई समस्या नहीं है।
समस्या यह है कि कौन दिल से,
और कौन प्यार से याद करते है,
सामान्य ज्ञानसे ही दिशा मिलते हैं।
जो अच्छे हैं उन्हें भुलाया नहीं जा सकता हैं।
<---आद्यनाथ--->
==========================
No comments:
Post a Comment